Comprehension Passage
निम्नलिखित काव्यांश को ध्यानपूर्वक पढ़िए और उससे सम्बंधित प्रश्नों के दिए गए बहुविकल्पों में से सही विकल्प को चुनिए।
महाप्रलय की अग्नि साथ लेकर जो जग में आए
विश्वबली शासन का भय जिनके आगे शरमाए
चले गए जो शीश चढ़ाकर अर्घ्य दिया प्राणों का
चलें मज़ारों पर हम उनकी, दीपक एक जलाएँ।
टूट गईं बंधन की कड़ियाँ स्वतंत्रता की बेला
लगता है मन आज हमें कितना अवसन्न अकेला।
जीत गए हम, जीता विद्रोही अभिमान हमारा।
प्राणदान से क्षुब्ध तरंगों को मिल गया किनारा।
उदित हुआ रवि स्वतंत्रता का व्योम उगलता जीवन,
आज़ादी की आग अमर है, घोषित करता कण-कण।
कलियों के अधरों पर पलते रहे विलासी कायर,
उधर मृत्यु पैरों से बाँधे, रहा जूझता यौवन।
उस शहीद यौवन की सुधि हम क्षण भर को न बिसारें,
उसके पग-चिहनों पर अपने मन में मोती वारें।
कवि किनकी मजारों पर दीपक जलाने का आव्हान कर रहा है?
1
महाप्रलय में ध्वंस लोगों की
2
शहीदों की
3
बेड़ियों में फंसें लोगों की
4
भयभीत लोगों की