नीचे दिए गए गद्यांश को ध्यानपूर्वक पढ़िए तथा पूछे गए प्रश्न के लिए सबसे उपयुक्त विकल्प का चयन कीजिए ।
आज के युग में प्रत्येक व्यक्ति के लिए यह जानना ज़रूरी हो गया है कि उसका सच्चा मित्र कौन है ? वैसे प्रत्येक व्यक्ति के इर्द-गिर्द एक भीड़ जुटी रहती है, जो हालात बदलते ही गायब हो जाती है। विपत्ति में ही सच्चे मित्र की पहचान हो पाती है। सच्ची मित्रता की दुहाई देनेवाले अनेक मित्र मिलेंगे। वास्तविकता क्या है, यह गहरे पानी में जाने से ही पता चलता है। कवि रहीम ने ठीक ही कहा है, 'विपत्ति कसौटी जे कसे ते ही साँचे मीत'। सच्ची मित्रता हृदय से जन्म लेती है और हृदय ही उसे अनुभव करता है उसमें ऊँच-नीच, अमीर-गरीब, अपना-पराया, ऐसा कोई बंधन नहीं होता, जैसे कृष्ण और सुदामा की मित्रता । ऐसी मित्रता समय और स्थान की सीमाओं में बँधी नहीं होती । समय आने पर यह भरपूर साथ निभाती है। हर हृदय में ऐसी मित्रता के प्रति एक ललक रहती है पर यह मित्रता माँगती है, त्याग, सच्चाई और निस्वार्थता ।