निम्नलिखित गद्यांश को ध्यानपूर्वक पढ़िए और दिए गए प्रश्नों के उत्तर दीजिए।
'तंदुरुस्ती हजार नियामत है', इस कथन में कितनी सच्चाई है यह तो कोई रोगी ही बता सकता है। यदि हम स्वस्थ हैं, तो हमारा हर क्षण उल्लास से भरा होता है। मन उमंगों से भरा रहता है और हर समय कुछ ना कुछ करने की धुन सवार रहती है। अच्छे स्वास्थ्य के लिए संतुलित भोजन, साफ-सुथरा वातावरण, ताजी हवा और धूप आदि जितना आवश्यक हैं, उतना ही व्यायाम तथा खेलकूद भी महत्तव रखते हैं। खेलकूद तो बच्चों के लिए मनोरंजन का साधन है, साथ ही साथ इससे मांसपेशियां बढ़ती और मजबूत होती हैं और खेल से अंग-अंग में शक्ति और स्फूर्ति का संचार होता है। परस्पर सद्भावना, सहयोग, मित्रता, आत्मविश्वास आदि गुण मिल-जुलकर खेलने से ही विकसित होते हैं। हम एक दूसरे के प्रति सहनशील बनते हैं। सबसे बड़ा लाभ तो यह है कि खेलकूद से शरीर में एक प्रकार की ऐसी ताजगी आ जाती है कि अन्य कार्यों को लगन और परिश्रम से करना सुलभ हो जाता है।
खेल के स्वरूप अलग अलग हो सकते हैं, परंतु नैतिक गुणों में कोई भेद नहीं होता। जीवन के समुचित विकास के लिए खेलों में रुचि लेना परम आवश्यक है। व्यवसाय के रूप में भी खेलों ने एक और द्वार खोल दिया है। उच्च स्तर के खेल खेलने वालों के लिए खेल धन उपार्जन का उत्तम साधन है ऐसे खिलाडी देश का नाम भी रोशन करते हैं।