Comprehension Passage
निम्नलिखित अवतरण को पढ़कर पूछे गए प्रश्नों के उत्तर दीजिए।
भारतीय संस्कृति में मनुष्य की स्वतंत्रता को पूरा सम्मान दिया जाता है- वह किसी भी धर्म या विचारधारा को मानने के लिए स्वतंत्र है। ये सभी मार्ग एक ही लक्ष्य की ओर - मानव कल्याण की ओर ले जाते हैं। सत्य एक है मगर उसका वर्णन अनेक प्रकार से किया जाता है। वर्णन के ढंग से सत्य का रूप नहीं बदल जाता; इसलिए अहिंसा का प्रचार चाहे महावीर स्वामी ने किया या महात्मा बुद्ध ने, चाहे ईसा मसीह ने किया या वैष्णव संतों ने, वह मानव मात्र के लिए कल्याणकारी है। ये मूल्य ही भारतीय संस्कृति की शक्ति के आधार रहे हैं और यही कारण है कि सैंकड़ों वर्षों की दासता के बावजूद तथा अनेक आर्थिक सीमाओं के होते हुए भी सारा संसार आत्मिक शांति के लिए भारत की ओर ही देखता रहा है।
अनेक ढंग से वर्णन करने पर भी सत्य का रूप क्यों नहीं बदलता ?
1
मनुष्य सत्य को बदलना नहीं चाहता
2
सत्य शाश्वत है
3
सत्य का सम्बन्ध धर्म से है
4
सत्य आत्मिक शांति का प्रतीक है