निम्नलिखित गद्यांश को ध्यान से पढ़ें और इसके आधार पर पूछे गये प्रश्नों के उत्तर दें।
'प्रायः लोग बाहरवालों के सामने अत्यंत शिष्ट व्यवहार करते हैं क्योंकि उससे प्रशंसा मिलती है, जबकि घरवालों के सामने ऐसा करना आवश्यक नहीं समझते। किन्तु घरवालों से भी शिष्ट व्यवहार करना उतना ही जरूरी है, जितना बाहरवालों से। घर में दूसरों का ख़याल रखने और अच्छा व्यवहार करने से आपस में नजदीकी और अपनापन बढ़ता है। विनम्रता का मतलब है - अच्छी तहजीब का पालन।
खुद को संतुष्टि देने के साथ ही विनम्रता और शिष्ट व्यवहार के और भी कई फायदे हैं, किन्तु फिर भी लोग विनम्रता का पालन नहीं करते। कठोर और असभ्य लोग थोड़े समय के लिए सफल हो सकते हैं, मगर ज्यादातर लोग ऐसे व्यव्हार वालों से दूर ही रहना पसंद करते हैं और आखिरकार ऐसे लोग नापसंद किये जाते हैं। बच्चों को बचपन से ही विनम्र व्यवहार की शिक्षा दी जानी चाहिए ताकि बड़े होकर वे सभ्य, समझदार और दूसरों का ख़याल रखने वाले बन सकें। एक बार विनम्र व्यवहार सीख लें, तो वह उम्र भर साथ रहता है। यह दूसरों का ख़याल रखने और संवेदनशील नज़रिये को दर्शाता है। ऐसी बातें बहुत छोटी और साधारण लगती हैं, लेकिन इंसान को बहुत दूर तक ले जाती हैं। उदाहरण के लिए - 'कृपया', 'धन्यवाद' और 'मुझे क्षमा कर दीजिये' जैसे चंद शब्द जादू का सा असर दिखाते हैं।'