अनुच्छेद पढ़कर दिए गए सवालों के सही जवाब चुनिए :-
"महानगरों में खाने-पीने की कठिनाई का भी सामना करना पड़ता है। न तो वहाँ शुद्ध जल मिल पाता है, न शुद्ध दूध। हर वस्तु प्रदूषित मिलती है। यही कारण है कि महानगरों में लोग प्रायः बीमार रहते हैं। न उन्हें खुली वायु साँस लेने के लिये उपलब्ध हो पाती है और न धूप। कुछ लोगों को छोड़कर अधिकांश लोगों को पौष्टिक भोजन भी उपलब्ध नहीं हो पाता। हर ओर प्रदूषण ही प्रदूषण है। महानगर में शिक्षा की सुविधाएँ अवश्य उपलब्ध हैं किंतु इस क्षेत्र में भी पर्याप्त भेदभाव है, धनिक वर्ग को पब्लिक स्कूलों की सुविधाएँ मिल पाती हैं, जबकि निम्न मध्य वर्ग सामान्य सरकारी स्कूलों में बच्चों को पढ़ाने के लिये विवश है। वह पब्लिक स्कूलों की मँहगी शिक्षा का बोझ नहीं झेल पाता। उच्च शिक्षा की व्यवस्था महानगरों में एक वरदान के रूप में है। इसका लाभ निकटवर्ती क्षेत्रों के लोग भी उठाते है महानगरों में सांस्कृतिक गतिविधियाँ भी होती रहती हैं। इसमें रूचि लेने, रखने वालों को यहाँ का जीवन वरदान प्रतीत होता है। उन्हें आगे बढ़ने का अवसर प्राप्त होता है, पर महानगर के व्यस्त जीवन में अपने लिए स्थान बना पाना इतना सहज नहीं है। उसके लिये अथक परिश्रम और लगन की आवश्यकता होती है। महानगर कंक्रीट के जंगल बनकर रह गए हैं। यहाँ के निवासियों की मानवीय संवेदना शून्य हो गई है। सभी अपने-अपने दायरों में सिमट कर रह गये हैं।"