निर्देश: गद्यांश पढ़ें एवं निम्नलिखित प्रश्नों के उत्तर दें
घर में घर के आदमी का सम्मान प्रायः कम ही होता है। तभी तो कहा गया है कि घर का जोगी जोगड़ा आन गाँव का सिद्ध जो घर में घुसा रहता है वह कुछ नहीं कर सकता, जो घर से बाहर निकलता है वही दुनिया को समझता और नापता है। घर के आदमी को घर से बाहर करना खतरनाक भी होता है, वह घर के गुप्त रहस्य बाहर कर सकता है। घर का भेदी लंका ढाये का उदहारण हमारे सामने है। जाहि निकारयो गेह ते कास न भेद कहि देय। यदि विभीषण ने रहस्य न बताया होता तो रावण का विनाश कठिन हो जाता। इसलिए घर बनाना और घर की निभाना भले आदमियों का आचरण माना जाता। जो लोग घर की चुकाने के दाँव में रहते हैं वे विश्वसनीय नहीं माने जा सकते। हर माता - पिता सन्तान से यही अपेक्षा करते हैं कि वे अपने आचरणों से घर की लाज बनाए रखेंगे। घर की प्रतिष्ठा बढ़ायेंगे। घर - परिवार का नाम ऊँचा करेंगे। जिस घर का झंण्डा ऊँचा होता है उसका प्रभाव और सम्मान भी व्यापक होता है।