Comprehension Passage

तुम जहाँ बैठे निसंकोच सिगरेट का धुँआ फेंक रहे हो, इसके ठीक सामने एक कैलेंडर है। देख रहे हो न! इसकी तारीखें अपनी सीमा में नम्रता से फड़फड़ाती रहती हैं। विगत दो दिनों से मैं तुम्हें दिखाकर तारीखें बदल रहा हूँ। तुम जानते हो, अगर तुम्हें हिसाब लगाना आता है कि यह चौथा दिन है, तुम्हारे सतत आतिथ्य का चौथा भारी दिन! पर तुम्हारे जाने कि कोई सम्भावना प्रतीत नहीं होती। लाखों मील लम्बी यात्रा करने के बाद वे दोनों एस्ट्रोनॉट्स भी इतने समय चाँद पर नहीं रुके थे, जितने समय तुम एक छोटी-सी यात्रा कर मेरे घर आये हो। तुम अपने भारी चरण-कमलों की छाप मेरी जमीन पर अंकित कर चुके, तुमने एक मैत्री संबंध मुझसे स्थापित कर लिया, तुमने मेरी आर्थिक सीमाओं की बैंजनी चट्टान देख ली; तुम मेरी काफी मिट्टी खोद चुके। अब तुम लौट जाओ, अतिथि! तुम्हारे जाने के लिए यह उच्च समय अर्थात हाईटाइम है। क्या तुम्हें तुम्हारी पृथ्वी नहीं पुकारती?

उपर्युक्त गद्यांश को पढ़कर नीचे दिए गए प्रश्न का उत्तर बताइए :

लेखक कैलेंडर की तारीख अतिथि को दिखाकर क्यों बदल रहा है?

1
लेखक अतिथि को उसके आने की तिथि अवगत कराता रहता है
2
लेखक की आर्थिक स्थिति ठीक नहीं है
3
क्योंकि लेखक को एक-एक दिन भारी लग रहा था
4
उपरोक्त सभी

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