सुमेलित कीजिए :
| (क) | कृपादृष्टि हो जाए तो बन जाएँ सब काम। | (i) | दुष्क्रमत्व दोष |
| (ख) | लपटी पुष्प पराग रज, सनी स्वेद मकरंद। | (ii) | अक्रमत्व दोष |
| (ग) | विश्व में मिलते नहीं हैं, वीर भीम समान के। | (iii) | अधिकपदत्व दोष |
| (घ) | नृप मो को हय दीजिये, अथवा मत्त गजेन्द्र। | (iv) | न्यूनपदत्व दोष |
1
(क) - (iii), (ख) - (iv), (ग) - (ii), (घ) - (i)
2
(क) - (iv), (ख) - (iii), (ग) - (ii), (घ) - (i)
3
(क) - (iv), (ख) - (iii), (ग) - (i), (घ) - (ii)
4
(क) - (i), (ख) - (ii), (ग) - (iii), (घ) - (iv)
5
अनुत्तरित प्रश्न