'कहत, नटत, रीझत, खिझत, मिलत, खिलत, लजियात ।
भरे भौन मैं करत हैं नैननु हीं सब बात।।'
यह पंक्ति किस कवि की है?
1
तुलसीदास
2
केशवदास
3
सूरदास
4
बिहारी
5
अनुत्तरित प्रश्न
'कहत, नटत, रीझत, खिझत, मिलत, खिलत, लजियात ।
भरे भौन मैं करत हैं नैननु हीं सब बात।।'
यह पंक्ति किस कवि की है?