घोड़े की दम बढ़ेगी तो अपनी ही मक्खियाँ उड़ाएगा लोकोक्ति का भावार्थ:-
1
हानि के समय सुअवसर-कुअवसर पर ध्यान न देना
2
अपनी बुराई नहीं दीखती
3
उन्नति करके आदमी अपना ही भला करता है
4
किसी की प्रकृति में पूर्ण परिवर्तन न होना
घोड़े की दम बढ़ेगी तो अपनी ही मक्खियाँ उड़ाएगा लोकोक्ति का भावार्थ:-