Comprehension Passage

निम्नलिखत पद्यांश को पढ़कर दिए गये प्रश्नों के उत्तर दीजिए:-

छोड़ो मत अपनी आन, सीस कट जाये
मते झुको अनय पर, भले व्योम फट जाये,
दो बार नहीं यमराज कण्ठ धरता है,
मरता है जो, एक ही बारे मरता है।
तुम स्वयं मरण के मुख पर चरण धरो रे!
जीना हो तो मरने से नहीं डरो रे!!
उपशम को ही जाति धर्म कहती है,
शम, दम, विराग को श्रेष्ठ कर्म कहती है,
धृति को प्रहार, क्षान्ति को वर्म कहती है,
अक्रोध, विनय को विजय-मर्म कहती है,
अपमान कौन, वह जिसको नहीं सहेगी?
सबको असीर सबका बन दास कहेगी।
दो उन्हें राम, तो मात्र नाम वे लेंगी,
विक्रमी शरासन से न काम वे लेंगी,
नवनीत बना देतीं भट अवतारी को,
मोहन मुरलीधर पाँचजन्य-धारी को।
पावक को बुझा तुषार बना देती हैं,
गांधी को शीतल क्षार बना देती हैं।

निम्नलिखित में से आकाश का पर्यायवाची कौनसा नहीं है?

1
व्योम
2
अनन्त
3
आसमान
4
मेघ

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