Comprehension Passage
निर्देश: नीचे दिए गये पद्यांश को ध्यानपूर्वक पढ़िए तथा गद्यांश में वर्णित तथ्यों के आधार पर प्रश्न के उत्तर दीजिए।
आओ, मिलें सब देश बांधव हार बनकर देश के,
साधक बनें, सच प्रेम से सुख शांतिमय उद्देश्य के।
क्या सांप्रदायिक भेद से है ऐक्य मिट सकता अहो,
बनती नहीं क्या एक माला विविध सुमनों की कहो।
रक्खो परस्पर मेल, मन से छोड़कर अविवेकता,
मन का मिलन ही मिलन है, होती उसी से एकता।
सब बैर और विरोध का बल-बोध से वारण करो।
है भिन्नता में खिन्नता ही, एकता धारण करो।
है कार्य ऐसा कौन-सा साधे न जिसको एकता,
देती नहीं अद्भुत अलौकिक शक्ति किसको एकता।
दो एक एकादश हुए किसने नहीं देखे सुनें,
हाँ, शून्य के भी योग से हैं अंक होते दश गुने।
कविता में निम्न में से किसे एकता विरोधी नहीं माना गया है?
1
अविवेक
2
परस्पर मेल
3
भिन्नता
4
बैर