Comprehension Passage
निर्देश: रोना और मचल जाना भी क्या आनंद दिखाते थे l
बड़े -बड़े मोती -से आसूं , जयमाला पहनाते थे l
मैं रोई, माँ काम छोड़कर आई, मुझको उठा लिया l
झाड-पोंछ चूम-चूम गीले गालों को सुखा दिया l
आ जा बचपन !एक बार फिर दे-दे अपनी निर्मल शांति l
व्याकुल व्यथा मिटाने वाली, वह अपनी प्राकृत विश्रान्ति l
वह भोली -सी मधुर सरलता, वह प्यारा जीवन निष्पाप l
क्या फिर आकर मिटा सकेगा तू मेरे मन का संताप ?
मैं बचपन को बुला रही थी , बोल उठी बिटिया मेरी l
नंदन -वन -सी फूल उठी, यह छोटी -सी कुटीया मेरी l
कवियत्री अपने बचपन को क्यों बुलाना चाहती है ?
1
अपनी बिटिया की याद में
2
बचपन के आनन्द की याद में
3
अपने मन के संताप को मिटाने के लिए
4
अपनी माँ की याद में