Comprehension Passage
"मेघ आए, बड़े बन ठन के संवर के l
आगे-आगे नाचती -गाती बयार चली ,
दरवाजे -खिड़कियाँ खुलने लगीं गली-गली ,
पाहून ज्यों आए हों गाँव में शहर के l
मेघ आए, बड़े बन ठन के संवर के l
पेड़ झुक झाकने लगे गर्दन उचकाये ,
आंधी चली , धूल भागी घाघरा उठाये ,
बांकी चितवन उठा, नदी ठिठकी घूंघट सरके l
मेघ आए, बड़े बन ठन के संवर के l
बूढ़े पीपल ने आगे बढ़कर जुहार की,
बरस बाद सुधि लीन्ही ,
बोली अकुलाई लता ओट हो किवार की
हरसाया ताल लाया पानी परात भर के
मेघ आए, बड़े बन ठन के संवर के l"
कविता में कौन सा अलंकार है ?
1
मानवीकरण अलंकार
2
उपमा अलंकार
3
अनुप्रास अलंकार
4
अतिश्योक्ति अलंकार