रस का नाम बताओ:
बिंध्य के बासी उदासी तपोब्रतधारी महा बिनु नारि दुखारे |
गोतमतीय तरी, तुलसी, सो कथा सुनि भे मुनिबृन्द सुखारे ||
ह्रैह्रैं सिला सब चन्द्रमुखी परसे पद-मंजुल-कंज तिहारे |
कीन्ही भली रघुनायकजू करूना करि कानन को पगु धारे ||
1
हास्य रस
2
श्रृंगार रस
3
वीर रस
4
करुण रस