‘मैं सत्य कहता हूँ सखे! सुकुमार मत जानो मुझे। यमराज से भी युद्ध में प्रस्तुत सदा जानो मुझे।
हे सारथे! हैं द्रोण क्या? आवें स्वयं देवेन्द्र भी। वे भी न जीतेंगे समर में आज क्या मुझसे कभी।’
उपर्युक्त काव्य पंक्ति में कौन सा रस है?
1
करुण रस
2
शांत रस
3
शृंगार रस
4
वीर रस