निर्देशः निम्नलिखित गद्यांश को ध्यानपूर्वक पढ़ें और दिए गए प्रश्न के उत्तर दें।
रंगों का त्योहार होली, चार बड़े पर्वों में से एक पर्व है। यह पर्व फाल्गुनी पूर्णिमा को होलिका दहन के पश्चात् चैत्र कृष्ण प्रतिपदा में मनाया जाता है। वसन्त ऋतु को ऋतुराज के नाम से भी जाना जाता है। इसी प्रकार फाल्गुन का महीना भी अपने मादक सौन्दर्य तथा वासन्ती पवन से लोगों को हर्षित करता है। इन दिनों रबी की फसल पकने की तैयारी में होती है। होली का त्योहार पूरे भारत में हर्ष तथा उल्लास के साथ-साथ नेपाल, बांग्लादेश, अमेरिका, ऑस्ट्रेलिया, कनाडा जैसे कई देशों में भी मनाया जाता है। भारत में होली का उत्सव अलग-अलग प्रदेशों में अलग अलग तरीके से मनाया जाता है। आज भी ब्रज की लठमार होली सबसे प्रसिद्ध है, जो कि बरसाने में मनाई जाती है। महाराष्ट्र में कुछ जगहों पर होली को शिगमा तथा गोवा में शिगमोत्सव कहा जाता है व मणिपुर में होली को छ: दिन तक मनाई जाती है। बंगाल में रंग बनाने के लिए सिंगार के फूल को पूरे साल रखा जाता है व इस पर्व का विशेष धार्मिक, पौराणिक व सामाजिक महत्व है। होली का पावन पर्व यह संदेश लाता है कि मनुष्य अपने ईर्ष्या, द्वेष तथा परस्पर वैमनस्य को भुलाकर समानता व प्रेम का दृष्टिकोण अपनाएँ। मौज-मस्ती व मनोरंजन के इस पर्व में हँसी-खुशी सम्मिलित हों तथा दूसरों को भी सम्मिलित होने हेतु प्रेरित करें। यह पर्व हमारी संस्कृतिक विरासत है। हम सभी का यह कर्तव्य है कि हम मूल भावना बनाए रखें जिससे आने वाली पीढ़ियाँ गौरवान्वित हो सकें।