निम्नलिखित में से 'माधुर्य गुण' का उदाहरण नहीं है:
1
लाली बन सरल कपोलों की,
आँखों में अंजन सी लगती।
कुंचित अलकों सी घुंघराली,
मन की मरोर बन कर जगती।
2
कंकन किंकिन नूपुर धुनि सुनि।
कहत लखन सन राम हृदय गुनि।
3
देखि सुदामा की दीन दसा
करुना करि कै करुनानिधि रोये।
पानी परात को हाथ छुयो नहिं,
नैनन के जल सों पग धोये।।
4
नील सरोरुह स्याम, तरुन अरुन बारिज नयन।
करहु सो मो उर धाम, सदा क्षीर-सागर सयन।।