दिए गए गद्यांश को ध्यानपूर्वक पढ़िए तथा पूछे गए प्रश्न के लिए सबसे उपयुक्त विकल्प का चयन कीजिए।
बात 1928 के ओलंपिक की है। भारत सहित कुल दस देश इस ओलंपिक में भाग लेने के लिए एम्स्टर्डम पहुँचे। पूल-ए के मैचों में भारतीय हाकी टीम ने सभी देशों को न केवल पराजित किया, बल्कि अपने ऊपर एक भी गोल दागने नहीं दिया। भविष्यवाणी की जाने लगी कि ओलंपिक का स्वर्ण पदक भारत को ही मिलेगा। इधर भारतीय टीम के सामने विकट समस्या आ गई। ध्यानचंद सहित चार खिलाड़ी बीमार हो गए। ध्यानचंद को तेज बुखार हो गया था। वह मैदान में उतरने की स्थिति में नहीं थे। टीम मैनेजर ने मायूस होकर कहा, "कमजोरी की हालत में तुम मैच तो खेल नहीं पाओगे क्यों कि सेहत पहले है।" ध्यानचंद ने कहा, “सर, मैं एक सैनिक हूँ। देश के मान के लिए जान की बाजी लगाने के लिए तैयार हूँ।" दूसरे दिन ध्यानचंद भूल गए कि उन्हें बुखार है और भारत को स्वर्ण पदक दिला दिया।