Comprehension Passage
निर्देश : निम्नलिखित गद्यांश को पढ़कर पूछे गए प्रश्नों के सही/सबसे उपयुक्त उत्तर वाले विकल्प को चुनिए।
आत्मनिर्भरता का अर्थ है – अपने ऊपर निर्भर रहना, जो व्यक्ति दूसरे के मुँह को नहीं ताकते वे ही आत्मनिर्भर होते हैं। आत्मनिर्भरता मनुष्य को श्रेष्ठ बनाती है । स्वावलंबी मनुष्य को अपने-आप पर विश्वास होता है जिससे वह किसी के भी कहने में नहीं आ सकता। यदि हमें कोई काम सुधारना है तो हमें किसी के अधीन नहीं रहना चाहिए बल्कि उसे स्वयं करना चाहिए। एकलव्य स्वयं के प्रयास से धनुर्विद्या में प्रवीण बना। निपट दरिद्र विद्यार्थी लाल बहादुर शास्त्री भारत के प्रधानमंत्री बने। जिस प्रकार अलंकार काव्य की शोभा बढ़ाते हैं, सूक्ति भाषा को चमत्कृत करती है, उसी प्रकार आत्मनिर्भरता मानव में अनेक गुणों की प्रतिष्ठा करती है।
गद्यांश के अनुसार स्वावलंबी मनुष्य को अपने-आप पर विश्वास होने से
1
वह दूसरों की बातें ध्यान से सुनता है।
2
वह दूसरों की बातों में नहीं आता है।
3
वह दूसरों की बातों की उपेक्षा कर देता है।
4
वह दूसरों की बातों को भी महत्त्व देता है।