Comprehension Passage

दिए गए गद्यांश को ध्यानपूर्वक पढ़िए तथा पूछे गए प्रश्न के लिए सबसे उपयुक्त विकल्प का चयन कीजिए।

युग - युगांतर से मनुष्य प्रकृति का उपासक रहा है। यह विशाल ब्रह्मांड सदा उसकी जिज्ञासा का केंद्र बना रहा तथा चाँद - सितारों की सुंदरता उसे आकाश में निहारने को बाध्य करती रही। उसकी कुशाग्र बुद्धि ने आकाश में विद्यमान ग्रह - नक्षत्रों की खोजबीन की। प्राचीन काल से ही भारत में ग्रह - नक्षत्रों की स्थिति तथा गति के विषय में पर्याप्त अनुसंधान कार्य किए जाते रहे हैं। ग्रह - नक्षत्रों की चर्चा में सबसे पहले आर्यभट का नाम आता है। उन्होंने ज्योतिष एवं गणित दोनों विषयों का गहन अध्ययन किया और अपने अनुभवों और अनुसंधानों को एक ग्रंथ का रूप दिया। इस ग्रंथ को 'आर्यभटीय' के नाम से जाना जाता है। यह महान ग्रंथ केवल दो सौ बयालीस पंक्तियों या एक सौ इक्कीस श्लोकों में सिमटा है। संस्कृत भाषा में रचित इस ग्रंथ में गणित और ज्योतिष की वे सूचनाएँ मिलती हैं। जिनकी चर्चा आज विश्व भर के वैज्ञानिक कर रहे हैं। यह ग्रंथ चार भागों में विभाजित है - यह पूर्णतया वैज्ञानिक तथ्यों पर आधारित है।

आर्यभट द्वारा रचित पुस्तक में किन से संबंधित सूचनाएँ हैं?

1
गणित और विज्ञान
2
विज्ञान और चिकित्सा
3
गणित और ज्योतिष
4
ज्योतिष और नक्षत्र

Sponsored

hivanix.in

Visit

This quiz is brought to you by hivanix.in

🌐 Web App Development

Quick Navigation