Comprehension Passage
नीचे दिए गए गद्यांश को ध्यानपूर्वक पढ़ें और पूछे गए प्रश्नों का सर्वोत्तम उत्तर चुनें ।
निरंतर परिश्रम करते रहने से असाध्य माना जाने वाला कार्य भी सिद्ध हो जाया करता है। असफलता के माथे में कील ठोककर सफलता पाई जा सकती है। जैसे कूंए की जगत पर लगी सिल (शिला) पानी खींचने वाली रस्सी के बार-बार आने- जाने से, कोमल रस्सी की रगड़ पड़ने से घिसकर उस पर निशान अंकित हो जाया करता है। उसी तरह निरंतर और बार-बार अभ्यास यानि परिश्रम और चेष्टा करते रहने से एक निठल्ला और जड़-बुद्धि समझा जाने वाला व्यक्ति भी कुछ करने योग्य बन सकता है। सफलता और सिद्धि का स्पर्श कर सकता है। हमारे विचार में कवि ने अपने जीवन के अनुभवों के सार-तत्व के रूप में ही इस तरह की बात कही है। हमारा अपना भी विश्वास है कि कथित भाव ओर विचार सर्वथा अनुभव-सिद्ध ही है।
सफलता कैसे पाई जा सकती है ?
1
कुछ ना करने पर
2
दूसरों को परेशान कर
3
असफलता के मार्ग में कील ठोककर
4
आराम से कार्य करनी पर