निम्नलिखित अनुच्छेद को ध्यान से पढिए एवं पूछे गए प्रश्नों के उत्तर दीजिए ।
कॉर्बेट राष्ट्रीय उद्यान दिल्ली के निकट स्थित है। यह हिमालय की निचली श्रेणियों में रामगंगा नदी की घाटी में है। दिल्लीवासी सड़क मार्ग से बड़ी सरलता से यहा पहुँच सकते हैं। वे कुछ रास्ता रेलगाड़ी से और शेष को सड़क मार्ग से भी तय कर सकते हैं। कॉर्बेट राष्ट्रीय उद्यान का निर्माण 1936 में हुआ था। यह भारत का पहला राष्ट्रीय उद्यान था। अप्रैल, 1973 में शिकारियों से बाघों की रक्षा के लिए 'बाघ परियोजना' का शुभारंभ इसी उद्यान से किया गया। बाघों के अतिरिक्त कॉर्बेट राष्ट्रीय उद्यान में अन्य अनेक पशु भी बड़ी संख्या मे रहते है। भालू लोमड़ी लकडबग्घा सिवेट बिलाव भी यहाँ रहते हैं। इन पशुओं के अतिरिक्त साँप जैसे भारतीय अजगर, करैत और नागराज भी इस उद्यान में मिल जाते हैं। यहाँ वर्षभर अनेक पक्षी भी देखे जा सकते हैं, जैसे बगुला, आंजन बगुला (हेरॉन), खांगवाली टिटहरी, काली गरदन वाले लगलग पक्षी भी इस उद्यान में सालभर देखे जा सकते हैं। वास्तव में पक्षियों की लगभग 580 प्रजातियाँ कॉर्बेट उद्यान में पाई जाती हैं। भारत में विदेशों के पर्यटकों को इस उद्यान में आना पसंद है वे हाथी पर सवार होकर पार्क में बाद्य की झलक पाने का आनंद उठाते हैं। हाथी वाघों से नहीं डरते, इसलिए हाथी की सवारी पर्याप्त सुरक्षित और आनंददायक है।