तू रूप है किरण में, सौन्दर्य है सुमन में।
तू प्राण है पवन में, विस्तार है गगन में।।
इस पद्यांश में कौन सा अलंकार है?
1
रूपक
2
अतिशयोक्ति
3
उल्लेख
4
तद्गुण
5
उपर्युक्त में से कोई नहीं
तू रूप है किरण में, सौन्दर्य है सुमन में।
तू प्राण है पवन में, विस्तार है गगन में।।
इस पद्यांश में कौन सा अलंकार है?