दिए गए गद्यांश को ध्यानपूर्वक पढ़िए तथा पूछे गए प्रश्न के लिए सबसे उपयुक्त विकल्प का चयन करें।
हम अपने दैनिक जीवन में अनेक कार्यो को करते हुए ढेरों बातें याद रखते हैं, परन्तु हमारा ध्यान हमेशा अपने कार्यो पर होता है न कि याद रखने पर। जैसे ही याद करना एक सचेत प्रक्रिया के रूप में बदलता है यह मुश्किल हो जाता है। बातों को अपने सामान्य जीवन से काट कर कृत्रिम तरीके से याद करने की कोशिश, याद करने की सामान्य प्रक्रिया को मुश्किल बना देती है। परीक्षा कक्ष में विद्यार्थियों के प्रश्नों के उत्तर नहीं याद कर पाने का कारण सारी प्रक्रिया का कृत्रिम रूप से होना होता है। समझना हमारे जीवन में लगातार चलता रहता है। अगर हम अपने आस- पास और अपने जीवन में होने वाली घटनाओं को देखें तो हम लगातार उनकी समझ बनाते रहते हैं। बच्चों को यदि कक्षा से बाहर देखें तो वे बहुत कम उलझन में दिखाई देते हैं। उलझन में ना होने का मतलब है कि वे उन परिस्थितियों को समझ रहे हैं। समझने की प्रक्रिया में समझने वाले सक्रिय होते हैं। चीजें या घटनाएँ अपना अर्थ स्वयं नहीं बताती। हम जो कुछ भी पहले से जानते हैं उसका इस्तेमाल कर उनका अर्थ-निर्माण करते हैं, जिसे समझना कहा जाता है।