निर्देश : निम्नलिखित गद्यांश को पढ़कर पूछे गए प्रश्नों के सर्वाधिक उचित उत्तर वाले विकल्प का चयन कीजिए।
भारत में समय - समय पर ईरानी, यूनानी, शक, कुषाण, हूण, अरब, तुर्क, मंगोल आदि जातियां आई लेकिन भारतीय संस्कृति ने अपने विकास की प्रक्रिया में इन सभी को आत्मसात कर लिया और उनके अच्छे गुणों को ग्रहण करके उन्हें अपने रंग - रूप में ऐसा ढाला कि वे आज भारतीय संस्कृति के अभिन्न अंग हैं। भारत ने वे सभी विचार, आचार व्यवहार स्वीकार कर लिये जो उसकी दृष्टि में समाजोपयोगी थे अच्छे विचारों को ग्रहण करने में भारतीय संस्कृति ने कभी परहेज नहीं किया। विविध संस्कृतियों को पचाकर उन्हें एक सामासिक रूप देना ही भारतीय संस्कृति का कालजयी होने का कारण है 'अनेकता में एकता' ही भारतीय संस्कृति की विशिष्टता रही है। कवि गुरु रवीन्द्रनाथ ठाकुर ने भारत को 'महामानवता का सागर' कहा है।