"तन संकोच मन परम उछाहू, गूढ़ प्रेम लखी न काहू।
जाइ समीप रामछवि देखि, रही जनु कुँआरी चित्र अनुरेखी।।"
उपरोक्त पंक्तियों में कौन सा रस है?
1
श्रृंगार
2
हास्य
3
करुण
4
वीर
"तन संकोच मन परम उछाहू, गूढ़ प्रेम लखी न काहू।
जाइ समीप रामछवि देखि, रही जनु कुँआरी चित्र अनुरेखी।।"
उपरोक्त पंक्तियों में कौन सा रस है?