Comprehension Passage
नीचे दिये गए गद्यांश को पढ़कर पूछे गये प्रश्नों के उत्तर दीजिए।
द्विवेदी जी की बहुत बड़ी शक्ति है, पांडित्य को पीछे रखकर सहज हों पाने की क्षमता। वे बड़ी से बड़ी बात को सरल-सहज शैली में कह कर पाठक का विश्वास अर्जित कर सकते हैं। उनकी शैली अनौपचारिक होती है। उसमें पांडित्य और लोक जीवन का सहज प्रवाह दोनों हैं। जैनेद्र कुमार, सियारामशरण गुप्त, राहुल सांकृत्यायन, पदुमलाल पुन्नालाल बख्शी, बाबू गुलाबराय, सद्रुरूशरण अवस्थी आदि छायावाद युग के अन्य उल्लेखनीय निबंधकार हैं। शिवपूजन सद्वाय सह्ज एवं सरल शैली के गद्यकार थे। 'हिमालय', 'बालक' और ‘मतवाला' के संपादक के रूप में उन्होंने हिन्दी के उन्नयन में बड़ा महत्वपूर्ण योग दिया है।
शिवपूजन सहाय किसके संपादक नहीं थे?
1
हिमालय
2
बालक
3
मतवाला
4
सरस्वती