defence exam CISF Head Constable Ministerial (HCM) & ASI Steno Mock Test Series हिन्दी साहित्य वाक्य रिक्त स्थानों की पूर्ति
Comprehension Passage
होरी ने फटी हुई मिरजई को बड़ी ....1...... से तह करके खाट पर रखते हुए कहा - तो क्या तू समझती है, मैं बूढ़ा हो गया? अभी तो चालीस भी नहीं हुए। मर्द साठे पर पाठे होते हैं। 'जाकर सीसे में मुँह देखो। तुम-जैसे मर्द साठे पर पाठे नहीं होते। दूध-घी अंजन लगाने तक को तो मिलता नहीं, पाठे होंगे! तुम्हारी दशा देख-देखकर तो मैं और भी सूखी जाती हूँ कि भगवान यह बुढ़ापा कैसे कटेगा? किसके द्वार पर भीख माँगेंगे?' होरी की वह क्षणिक .......2........ यथार्थ की इस आँच में जैसे झुलस गयी। लकड़ी सँभालता हुआ बोला - साठे तक पहुँचने की नौबत न आने पायेगी धनिया! इसके पहले ही चल देंगे। धनिया ने ......3....... किया - अच्छा रहने दो, मत अशुभ मुँह से निकालो। तुमसे कोई अच्छी बात भी कहे, तो लगते हो कोसने। होरी लाठी कन्धे पर रखकर घर से निकला, तो धनिया द्वार पर खड़ी उसे देर तक देखती रही। उसके इन निराशा-भरे शब्दों ने धनिया के चोट खाये हुए हृदय में आतंकमय कम्पन-सा डाल दिया था। वह जैसे अपने ......4...... के सम्पूर्ण तप और व्रत से अपने पति को अभय-दान दे रही थी। उसके ..........5........ से जैसे आशीर्वादों का व्यूह-सा निकल कर होरी को अपने अन्दर छिपाये लेता था। विपन्नता के इस अथाह सागर में सोहाग ही वह तृण था, जिसे पकड़े हुए वह सागर को पार कर रही थी। इन असंगत शब्दों ने यथार्थ के निकट होने पर भी मानो झटका देकर उसके हाथ से वह तिनके का सहारा छीन लेना चाहा बिल्कुल यथार्थ के निकट होने के कारण ही उनमें इतनी वेदना-शक्ति आ गयी थी। काना कहने से काने को जो दुःख होता है, वह क्या दो आँखों वाले आदमी को हो सकता है?
रिक्त स्थान (3) की पूर्ति के लिए उचित विकल्प का चयन करे।
1
नमस्कार
2
आतंकमय
3
तिरस्कार
4
असंगत