Comprehension Passage
नीचे दिये गए गद्यांश को पढ़कर पूछे गये प्रश्नों के उत्तर दीजिए।
1803 ई. में फोर्ट विलियम कॉलेज कलकत्ता के हिंदी-उर्दू अध्यापक जानगिल क्राइस्ट ने हिंदी और उर्दू दोनों में गद्य पुस्तकें तैयार कराईं। इसी कॉलेज के लल्लू लाल ने खड़ी बोली गद्य में प्रेमसागर और सदल मिश्र ने नासिकेतोपाख्यान लिखा। इसके दो वर्ष पूर्व मुंशी सदासुखलाल ने ज्ञानोपदेश की एक पुस्तक और उर्दू के प्रसिद्ध कवि इंशा अल्ला खाँ ने रानी केतकी की कहानी लिखी थी। ये सारा लेखन 1803 ई. के आसपास हुआ। आधुनिक खड़ी बोली के ये महानुभाव प्रारंभिक लेखक हैं।
ज्ञानोपदेश की पुस्तक किसने लिखी?
1
इंशा अल्ला खाँ
2
सदासुखलाल
3
सदल मिश्र
4
लल्लू लाल