निम्नलिखित गद्यांश का ध्यानपूर्वक अध्ययन कर प्रश्नों के उत्तर दीजिए-
सच्चे वीर अपने प्रेम के जोर से लोगों को सदा के लिए बांध देते हैं। वीरता की अभिव्यक्ति कई प्रकार से होती है, कभी लड़ने-मरने से, खून बहाने से, तो तोप तलवार के सामने बलिदान करने से होती है, तो कभी जीवन के गूढ़ तत्व और सत्य की तलाश में बुद्ध जेसे राजा विरक्त होकर वीर हो जाते हैं। वीरता एक प्रकार की अंत: प्रेरणा है जब कभी उसका विकास हुआ तभी एक रोनक, एक रंग, एक बहार संसार में छा गई। वीरता हमेशा निराली और नई होती है। वीरों को बनाने के कारखाने नहीं होते। वे तो देवदार के वृक्ष की भांति जीवन रूपी वन में स्वयं पैदा होते हैं और बिना किसी के पानी दिए, बिना किसी के दूध पिलाए बढ़ते हैं। “जीवन के केंद्र में निवास करो और सत्य की चट्टान पर दृढ़ता से खड़े हो जाओ। बाहर की सतह छोड़कर जीवन के अंदर की तहों में पहुंचे तब नए रंग खिलेंगे।" यही वीरता का संदेश है।