निर्देश: निम्नलिखित गद्यांश को पढ़कर पूछे गए प्रश्नों के सर्वाधिक उचित उत्तर वाले विकल्प का चयन कीजिए.
साहित्य को मानव जीवन की कोमल कांत आंतरिक भावनाओं का वाहक माना गया है, हालाँकि उनका आधार जीवन का ऊबड़-खाबड़ कठोर और यथार्थ धरातल ही हुआ करता है। मानव मन कोमल, भावुक और अन्य चमत्कारी भावनाओं से भरा होता है, जोकि साहित्य के अलौकिक या पारलौकिक विचारों, धारणाओं तथा चेतनाओं पर चिंतन करने योग्य है।
साहित्य जीवन को कई प्रकार के आश्वासन, कई प्रकार के विश्वास तथा कई प्रकार के आश्रय प्रदान करता है। साहित्य शब्द एवं भावनाओं से रचा जाता है, शब्द अक्षरों से बना है और अक्षर को सनातन धर्म के अनुसार सत्य, ब्रह्म का रूप माना गया है। आध्यात्मिक या धार्मिक परम्परा में जैसे ब्रह्म कभी नहीं खत्म किया जा सकता, वैसे ही आधुनिक विज्ञान द्वारा यह सिद्ध किया गया है कि शब्द कभी मारा या विनाशित नहीं किया जा सकता। ठीक इसी प्रकार साहित्य का रूप भी अजर-अमर रहता हैं।
वह युगानुयुग मानव पीढ़ी को अनुप्राणित करता रहता है। साहित्य युगों युगों तक मनुष्यों की चेतना को संबल प्रदान करते रहते हैं। उदाहरण के रूप में हम भक्ति काल से रचे गए कबीर, जायसी, सूर, तुलसी द्वारा रचित साहित्य को भी ले सकते हैं। उपर्युक्त सभी प्रकार के साहित्य अभी तक भक्ति एवं धार्मिक मार्गदर्शन के लिए हमारे काम आते हैं।