निम्नलिखित गद्यांश के आधार पर दिए गए प्रश्नों के उत्तर दीजिए।
आधुनिक सभ्यता में विज्ञान के बढ़ते प्रभाव, औद्योगीकरण और नगरीकरण के दुष्प्रभाव के प्रति चिन्ता व्यक्त की जाने लगी थी। साम्राज्यवाद, उपनिवेशवाद का जितना तेज प्रसार हुआ उतना ही तीखा प्रतिरोध भी । उन्नीसवीं शताब्दी में शक्तिशाली राष्ट्रों ने कमजोर राष्ट्रों को जितनी क्रूरता से गुलाम बनाया, बीसवीं शताब्दी में कमजोर राष्ट्रों ने शक्ति अर्जित कर उतनी ही मजबूती से स्वातंत्र्य के लिए संघर्ष किया और सफल हुए। द्वितीय विश्व युद्ध के उपरान्त संयुक्त राष्ट्रसंघ की स्थापना के बाद बीसवीं सदी के मध्य तक वैश्विक पटल पर राजनीतिक साम्राज्यवाद का खात्मा हुआ और अधिकांश स्वतंत्र राष्ट्रों का अभ्युदय हुआ। शीत दशकों में दुनिया विकास के नये रास्तों को खोजने लगी। बीसवीं शताब्दी के अन्तिम दशक तक आते-आते दुनिया में ऐसी अनेक क्रान्तिकारी चीजें हुईं जिसने मानव-सभ्यता को एक नये दौर में पहुँचा दिया।