अखिल धुन चर-अचर जग हरिमुख में लखि मातु।
चकित भयी, गदगद वचन, विकसित दृग पुलकातु।।
निम्न पंक्तियों में निहित रस है
1
अद्भुत रस
2
भयानक रस
3
वीभत्स रस
4
वात्सल्य रस
अखिल धुन चर-अचर जग हरिमुख में लखि मातु।
चकित भयी, गदगद वचन, विकसित दृग पुलकातु।।
निम्न पंक्तियों में निहित रस है