निम्नलिखित गद्यांश को ध्यानपूर्वक पढ़िए और दिए गए प्रश्न के उत्तर दीजिए।
भारत विभिन्न संस्कृतियों, यों नस्लों, स्लों भाषाओं और धर्मों का देश है। ये “विविधता में एकता” की भूमि है, जहाँ अलगअलग जीवन-शैली और तरीकों के लोग एक साथ रहते हैं। इन भिन्नताओं के बावजूद भी वे सब भाईचारे और मानवता के संबंध के साथ रहते हैं। यही भारत की एक अलग विशेषता है, जो इसे पूरे विश्व भर में प्रसिद्ध करती है। आमतौर पर, अपनाने और उदार होने की महान प्राचीन भारतीय संस्कृति का अनुसरण भारत के लोग करते हैं, जो स्वाभाव में उन्हें समाविष्टक बनाती है।
अपने रीति-रिवाज़ और विश्वास का अनुसरण करने के द्वारा सभी धर्मों के लोग अलग तरीकों से पूजा-पाठ करते हैं, जो बुनियादी एकरुपता के अस्तित्व को प्रदर्शित करता है। एकता का भाव विभिन्न असमानताओं की सोच से परे लोगों के बीच भाईचारे और समरसता की भावना को बढ़ावा देता है।
भारत अपनी समृद्ध सांस्कृतिक विरासत के लिए प्रसिद्ध है, जो कि विभिन्न धर्मों के लोगों के कारण है। अपने हित और विश्वास के आधार पर विभिन्न जीवन-शैलियों को अलग-अलग संस्कृति के लोग बढ़ावा देते हैं। फिर ये विभिन्न पेशेवर क्षेत्रों में जैसे संगीत, कला, नाटक, नृत्य (शास्त्रीय, फोक आदि), नाट्यशाला, मूर्तिकला आदि में वृद्धि को बढ़ावा देते हैं। लोगों की आध्यात्मिक परंपरा उन्हें एक-दूसरे के लिये अधिक धर्मनिष्ठ बनाती है। सभी भारतीय धार्मिक लेख लोगों की आध्यात्मिक समझ का महान साधन है। इतना ही नहीं, हीं यहाँ अलग-अलग धर्मों और क्षेत्रों के लोगों द्वारा अलग-अलग बोलियाँ और भाषाएं बोली जाती हैं, जैसे- उड़िया, पंजाबी, मराठी, गुजराती, बंगाली, उर्दू, कन्नड़, मलयालम आदि। लेकिन फिर भी भारत की राजभाषा हिन्दी है, हालाँकि भारत के केवल उत्तरी क्षेत्रों के कुछ भागों की ही मातृभाषा हिन्दी है। लेकिन इसे गर्व के साथ राजभाषा के रूप में स्वीकारतें हैं।
एक भारतीय होने के नाते, हम सभी को अपनी जिम्मेदारी समझनी चाहिये और किसी भी कीमत पर इसकी अनोखी विशेषता को कायम रखने की कोशिश करनी चाहिए।