नीचे दिए गये गद्यांश के बाद प्रश्न दिए गये हैं। इस गद्यांश को ध्यानपूर्वक पढ़ें और चार विकल्पों में से प्रत्येक प्रश्न का सर्वोत्तम उत्तर चुनें।
प्रकृति ने इतर प्राणियों को जिस रूप में बनाया है, विश्व में वे उसी रूप में विचरण करते हैं। फिर मनुष्य ने वस्तुओं को गरदन, बाहु, कमर तथा पैर में लटकाकर या मस्तक पर धारण कर अपने को सजाना क्यों शुरू किया? हम अनेक कारणों की कल्पना कर सकते हैं। यदि किसी साधारण शक्ति-संपन्न या बहादुर मनुष्य ने असामान्य रूप से विशाल भालू को मारने में सफलता प्राप्त की थी तो क्या उसके मन में यह विचार न आया होगा कि वह भालू के किसी दांत को धारदार चकमक से छेदकर अपने गले के ऊपर बांध ले, जिससे इस महान उपलब्धि का उसे स्मरण होता रहे और अपने मित्रों को यह दिखा सके कि वह कैसा महान व्यक्ति रहा है। धीरे-धीरे उसके कबीले के सभी शक्ति-संपन्न और बहादुर शिकारियों में भालू के दांत को धारण करने की प्रथा चल पड़ी होगी और उसे धारण न करना अपमानजनक तथा अल्पायु या दुर्बलता का प्रतीक माना गया होगा।