Comprehension Passage

गद्यांश के आधार पर प्रश्न का उत्तर दें।

कन्या भ्रूण हत्या के व्यापक दुष्परिणाम सामने आते हैं। इससे लिंगानुपात घटता है, जिससे सामाजिक असंतुलन बढ़ता है। महिलाओं की संख्या कम होने से लड़कों के लिए वधुएं खोजे नहीं मिलती हैं। यह स्थिति हरियाणा व राजस्थान जैसे राज्यों निर्मित भी हो चुकी है। समय से घर-परिवार न बस पाने की वजह से पुरुषों में यौन कुंठाएँ बढ़ती हैं, जिनकी परिणति 'यौन हिंसा' एवं 'दुष्कर्मों के रूप में सामने आती है। भ्रूण हत्या करवाने वाली माताओं की सेहत पर भी इसका प्रतिकूल प्रभाव पड़ता है। वेश्यावृत्ति और महिलाओं की तस्करी जैसे अपराध भी समाज में महिलाओं की घटती संख्या की वजह से बढ़ते हैं। महिलाओं के प्रति सम्मान का भाव भी कम होता है। उसे भोग्या समझने की प्रवृत्ति बढ़ती है। बढ़ती भ्रूण हत्याओं के कारण अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भी भारत की छवि धूमिल हुई है और कई बार संयुक्त राष्ट्र भी भारत सहित कुछ अन्य एशियाई देशों में पैर जमा चुकी इस दुष्प्रवृत्ति पर चिंता व्यक्त कर चुका है। कन्या भ्रूण हत्या के दूरगामी परिणाम अत्यन्त घातक हो सकते हैं, इस बात को ध्यान में रखकर सचेत हो जाने की आवश्यकता है। हमें इस समस्या के उन्मूलन के ठोस उपाय सुनिश्चित करने होंगे। सबसे पहले तो लोगों की उस सोच में परिवर्तन लाना होगा, जो समाज की पितृसत्तात्मक संरचना से प्रेरित है तथा जिसमें कन्या को दोयम दर्जा प्राप्त है और नारी को सिर्फ भोग्या समझा जाता है। लोगों को यह समझाना होगा कि कुल पुत्रियों से भी बढ़ते हैं तथा हमारी वैदिक संस्कृति में पुत्रियों को कर्मकांड से जुड़े वे सभी अधिकार दिये गये हैं, जो पुत्रों को प्राप्त हैं। पुत्रियाँ तर्पण एवं पिंडदान जैसे कर्मकांडों तक के लिए भी अधिकृत हैं। कन्या भ्रूण हत्या सभी धर्मों में वर्जित एवं आलोच्य है।

कन्या भ्रूण हत्या सभी धर्मों में क्या है? 

1
स्वीकार्य
2
वर्जित
3
प्रशंसनीय
4
वर्जित नहीं है

Sponsored

hivanix.in

Visit

This quiz is brought to you by hivanix.in

🌐 Web App Development

Quick Navigation