Comprehension Passage
मानव समाज का विकास तभी संभव है जब उसने सम्यक शिक्षा ग्रहण की हो। भारत में भी शिक्षा की गुणवत्ता पर दृष्टिपात करें तो सर्वप्रथम हमारे दृष्टिपथ में वैदिक काल की शिक्षा की छवि स्पष्ट परिलक्षित होती है, जहाँ यह देखने को मिलता है कि गुरुकुल पद्धति में शिष्यों की संख्या सीमित थी। उनकी प्रतिभा के आधार पर उनकी उपस्थिति होती थी। तात्पर्य यह है कि छात्रों की संख्यात्मकता पर नहीं अपितु गुणात्मकता पर ध्यान दिया जाता था।
निम्नलिखित प्रश्नों के उत्तर उपर्युक्त गद्यांश के आधार पर दीजिए-
'छवि' का क्या आशय है?
1
स्मृति
2
दर्पण
3
दृष्टि
4
चित्र