Comprehension Passage
अंग्रेज़ जहाँ अत्याचारों और क़ानूनों से पत्रकारों पर शिकंजे कस रहे थे वहीं क़लम के सिपाही अपनी लेखनी की तपिश से उन्हें पिघला रहे थे। इसी कड़ी में भारतेंदु हरिश्चंद्र की लेखनी का उदय भारतीय पत्रकारिता इतिहास में एक क्रांतिकारी घटना है। 'अब जहं देखहु वहं दुःखहि दुःख दिखाई। हा हा! भारत दुर्दशा न देखी जाई।' उनके तत्कालीन भारतीय स्थिति के इस वर्णन ने न जाने कितनी धमनियों में रक्त संचार को उत्तेजित कर आज़ादी का मतवाला बना दिया। उन्होंने उस समय की स्थितियों के बारे में सत्यता एवं निर्भीकता से लिखने के साथ ही स्वदेश, स्वभाषा तथा देशभक्ति की अलख जगायी।
निम्नलिखित प्रश्नों के उत्तर उपर्युक्त गद्यांश के आधार पर दीजिए-
गद्यांश में प्रयुक्त 'मतवाला' का क्या आशय है?
1
विरोधी
2
दीवाना
3
समर्थक
4
प्रशंसक