वाक्य विन्यास की दृष्टि से अशुद्ध वाक्य है-
1
नाच के समय खुलकर फैल जाते हैं मोर के बहुत बड़े पंखे जैसे पंख।
2
दारोगा गुस्से में बड़े जोरों से दाँत पीसता हुआ जा रहा था।
3
न जाने कितने लोग इस बार भी बाढ़ के पेट में समा गए।
4
गुलाब के फूल-जैसा शिशु का मुख किसे मुग्ध नहीं करता?