railway RRB Junior Stenographer (Ministerial and Isolated Categories) Mock Test हिन्दी पाठ बोधन गद्यांश
Comprehension Passage
निर्देश: निम्नलिखित गद्यांश को ध्यानपूर्वक पढ़िए व प्रश्नों के उत्तर दीजिये -
भारतीय संस्कृति में प्रणाम का अत्यधिक महत्व है। यह अपने बड़ों-श्रद्धेय तथा आदरणीय जनों के प्रति आत्मीयता का प्रतीक है। प्रणाम में केवल दोनों हाथों को जोड़कर झुकना ही नहीं होता अपितु शुद्ध अंतर्मन से प्रणाम के जो स्वर निकलते हैं वे शब्द की महत्ता को चरितार्थ भी करते हैं। प्रणाम में जब-जब हाथों को जोड़ा जाता है तो यह सदाशयता का प्रतीक है। निष्ठुर व्यक्ति कभी हाथ नहीं जोड़ता है क्योंकि दूसरों के प्रति सम्मान का भाव उसमें नहीं होता है। माता-पिता के अतिरिक्त समाज के सभी वृद्धजनों, अतिथियों, साधु-संतों को अपनी परंपरा के अनुसार प्रणाम करना मानव-धर्म है। प्रणाम के संबंध में मनु की मान्यता है कि वृद्धजनों व माता-पिता को जो नित्य सेवा-प्रणाम से प्रसन्न रखता है उसकी आयु-विद्या-यश और बल चारों में वृद्धि होती है। जाने अनजाने कई बार बड़ों की उपेक्षा हो जाती है यदि बड़ों को सम्मान मिलता रहे तो घर में सुख-समृद्धि, प्रेम और समता का भाव विकसित होता है। प्रणाम भारतीय संस्कृति का ऐसा उपहार है जो क्रोध मिटाता है। आदर सिखाता है, लोगों के आँसू धो देता है।आयु-विद्या-यश और बल में वृद्धि किसके द्वारा होती है?
1
जो वृद्धजनों की सेवा करता है।
2
जो माता-पिता को नित्य प्रणाम से प्रसन्न रखता है।
3
जो लोगों के प्रति निष्ठुर है।
4
1 और 2 दोनों