दिए गए गद्यांश को ध्यानपूर्वक पढ़िए तथा पूछे गए प्रश्न के लिए सबसे उपयुक्त विकल्प का चयन कीजिए।
भारतीय समाज बहुभाषिक है। इस समाज के सभी बच्चे बहुभाषिक होते हैं, इससे बच्चों की सृजनात्मकता तथा वास्तविकता को नजर अंदाज करके उन पर लक्ष्य भाषा के रूप लाद दिए जाते हैं इससे बच्चों की सृजनात्मकता तथा समझ पर नकारात्मक प्रभाव पड़ता है। कक्षा में बच्चों की बहुभाषिक क्षमताओं का उपयोग करना, सीखने-सिखाने की बहुभाषिक दृष्टि का महत्वपूर्ण पहलू है। बहुभाषिकता ऐसी प्रक्रिया है जिसमें एक से अधिक भाषाओं के उपयोग को स्वीकार किया जाता है। एक ही समय में मातृभाषा के साथ-साथ क्षेत्रीय भाषा-भाषाओं तथा अन्य भाषा को सुनने व समझने, बोलने व व्यक्त करने, लिखने तथा पढ़ने को महत्व दिया जाना बहुभाषिकता का उद्देश्य है। भाषाविदों का मानना है कि कोई भी भाषा अन्य भाषाओं से मिलकर विकसित होती हैं, भाषा के विकास का मतलब उसके शब्द भंडार में वृद्धि का होना, उसकी अभिव्यक्ति की विधाओं का विस्तार होना, उसमें ज्ञान के नए अवसरों की संभावनाओं का खुलना आदि होता है। एक से अधिक भाषाओ / भाषिक व्यवहार करने वालों के पास बिंब, विधा, शब्द चयन, उदाहरण आदि का भंडार एक ही भाषा जानने वाले की तुलना में अधिक होता है।