दिए गए गद्यांश के अनुसार नीचे दिए प्रश्नों के उत्तर दें।
धवली बर्फ की चादर ने पहाड़ों को पर्दा दिया था, गेहूं रंग की सुनहरी धुप की तरह वे जले हुए आसमान में चमक रहे थे। सब मंद-मंद हवा की शीतल चुम्बन से ठंड में झूल रहे थे। नदी खामोशी से बह रही थी, जैसे कंपती हुई बिखरी हुई डायमंड मणियों की एक लहर बनाती हुई।
एक जंगली खरगोश ने अपने आस-पास झूककर देखा, उसके कान एकाग्रता से हिल रहे थे। उसने संदिग्धता से अपनी सूंघनी से हवा को घूमते देखा। पेड़ों की छाँव में छिपे उसका निवास स्थल था। सब जगह चारों ओर सन्नाटा था, मानो काले बादलों का अंतिम छाप उसे खौफज़दा कर रहा था।
पर वह हिम्मत नहीं हारा और अपनी छोटी-सी दुनिया की छोटी-सी परिणामी किंवदंती बन गया। खरगोश ने जीवन की चुनौतियों को स्वीकारते हुए, देखभाल और सुरक्षा में संतुलन बनाया। अंत में, सभी संघर्षों के बावजूद, वह अपनी दुनिया में खुश और सकुशल था।
इस छोटे से खरगोश ने हमें जीवन की प्राकृतिक झटके, असमंजस के समयों में भी निर्णय करने का दृढ़ निर्णय सिखाते हुए सरलता और आत्मविश्वास दिखाया। अद्भुत माधुर्य की इस अद्वितीय कहानी में हम सब को विश्वास का पाठ मिलता है, जीवन की हर कठिनाई का सामना करने की शक्ति और उम्मीद को बनाए रखने का सामर्थ्य।