हम तौ एक करि जांनानं जांनां ।
दोइ कहैं तिनहीं कौं दोजग जिन नाहिंन पहिचांनां।
जैसे बढ़ी काष्ट ही कार्ट अगिनि न काटे कोई।
सब घटि अंतरि तूही व्यापक धरै सरूपै सोई।
प्रस्तुत पद में दोजग किसे कहा गया है?
1
जिन्होंने ईश्वर को प्राप्त कर लिया है।
2
जिन्होंने ईश्वर के अद्वैत रूप को नहीं पहचाना है।
3
जिन्होंने ईश्वर के अद्वैत रूप को पहचान लिया है।
4
जिन्होंने ईश्वर को बाँट रखा है।
5
अनुत्तरित प्रश्न