दिए गए गद्यांश को ध्यानपूर्वक पढ़िए तथा पूछे गए प्रश्न के लिए सबसे उपयुक्त विकल्प का चयन कीजिए।
हाल ही में विश्व स्वास्थ्य संगठन की एक पत्रिका में यह प्रकाशित हुआ है कि प्रवासी पक्षी तरह-तरह के रोगों को फैलाने वाले जीवाणु - विषाणु को एक देश से दूसरे देश में फैलाते हैं। प्रत्येक वर्ष मौसम के बदलते ही अक्टूबर महीने से भारत में हजारों प्रवासी पक्षियों का आना आरंभ हो जाता है। ठण्डे देशों में रहने वाले यह प्रवासी पक्षी अपने देशों में अधिक बर्फ से ढक जाने के कारण गरम देशों की ओर उड़ जाते हैं। एक अनुमान के अनुसार करीब 4000 पक्षियों की जातियों में 2000 पक्षी हर साल ऋतु परिवर्तन के लिए एक स्थान से दूसरे स्थान पर जाते हैं। भारत का जल, वायु, मौसम प्रवासी पक्षियों के अनुकूल रहता है। प्रवासी पक्षी लंबी दूरी तय करने से पहले भरपेट भोजन करते हैं जिसमे विषैले पानी में पलने वाले जीव शामिल हैं। इस तरह वे दूसरे देशों में विषाणु लेकर आते हैं।