नीचे दिए गए गद्यांश को पढ़कर पूछे गए प्रश्न का उत्तर दीजिए।
प्रकृति का छायावादी कविता से गहरा संबंध था। इन कविताओं का मूल स्वर प्रेम, प्रकृति और रहस्यमयता रहा है। यह रहस्यमयता किसी अज्ञात सत्ता के प्रति कुतूहल एवं जिज्ञासा की भावना के रूप में प्रकट हुई है। निराला ने अपने पूर्ववर्ती जीवन में प्राकृतिक सौंदर्य को दर्शाने वाले अनेक गीत लिखे हैं। उस काल में संध्या, प्रभात, मेघ चाँदनी आदि कुछ ऐसे प्रिय विषय थे जिनपर अनेक कविताएँ निराला के यहाँ मिल जाएँगी। निराला ने प्रकृति के मोहक रूप के साथ - साथ विराट और कठोर रूप का भी चित्रण किया है। पूर्ववर्ती गीतों में निराला का झुकाव शास्त्रीय राग - रागिनी की ओर है तो बाद के गीतों में वे क्रमशः लोकगीतों की भूमि के निकट पहुँचते हैं। निराला की कविता में ग्राम्य परिवेश के जीते-जागते चित्र मिलेंगे, जन - बोली के प्रति झुकाव मिलेगा और आधुनिक भावबोध मिलेगा।