“लीक पर वे चलें जिनके
चरण दुर्बल और हारे हैं,
हमें तो जो हमारी यात्रा से बने
ऐसे अनिर्मित पंथ प्यारे हैं"
इन पंक्तियों के सृजेता हैं
1
भारत भूषण अग्रवाल
2
सर्वेश्वर दयाल सक्सेना
3
चन्द्रकान्त देवताले
4
भवानी प्रसाद मिश्र
“लीक पर वे चलें जिनके
चरण दुर्बल और हारे हैं,
हमें तो जो हमारी यात्रा से बने
ऐसे अनिर्मित पंथ प्यारे हैं"
इन पंक्तियों के सृजेता हैं