दिए गए गद्यांश को ध्यानपूर्वक पढ़िए और पूछे गए प्रश्न का उपयुक्त विकल्प चुनिए।
सृष्टि का सर्वश्रेष्ठ प्राणी मानव है। अतीत में एक समय था जब वह प्रायः पशु के समान ही था। दीर्घकालीन संघर्ष के पश्चात् वह सर्वश्रेष्ठ बन सका। भीमकाय, बड़े भयंकर और अति बलशाली पशुओं से संघर्ष था। मानव की विजय का कारण उसका शारीरिक बल उतना नहीं था जितना उसका बौद्धिक बल था । पशु अतः प्रेरणा से एक सीमित क्षेत्र में ही काम करते हैं। उनमें जो परिवर्तन होता है, वह प्रकृति के कारण से होता है जबकि मानव अपनी बुद्धि का प्रयोग करके विस्तृत क्षेत्र में काम करता है। मानव की "जिज्ञासा वृत्ति" भी उसे पशुओं से भिन्न करती है। प्रकृति के रहस्यों को खोजने, उन्हें उपयोग में लाकर जीवन को अधिक सुखमय बनाने तथा ज्ञान-विस्तार के मूल में उसकी "जिज्ञासा" ही है, जिसका पशुओं में सर्वथा अभाव है। एक विशेष गुण मानव में और है, वह है- "सौंदर्यानुभूति"। सृष्टि के समस्त चराचरों में केवल मानव ही सुंदर और भद्दी वस्तुओं में भेद कर सकता है। अपने इस विवेक के कारण ही वह कलाकार बन सका है तथा ललित कलाओं का विकास भी संभव हो पाया है।