नीचे दिए गए गद्यांश को ध्यानपूर्वक पढ़िए तथा पूछे गए प्रश्न के लिए सबसे उपयुक्त विकल्प का चयन कीजिए।
एक बात जो भारत वर्ष में सभी बुराइयों की जड़ में है, वह है गरीबों की अवस्था। मान लो तुमने प्रत्येक गाँव में एक निःशुल्क पाठशाला खोल दी पर तो भी उससे कोई लाभ न होगा, क्योंकि गरीब लड़के पाठशाला में आने की अपेक्षा अपने पिता की सहायता करने खेतों में जाना या जीविका के लिए और कोई धंधा करना अधिक पसंद करेंगे। यदि गरीब बालक शिक्षा लेने नहीं आ सकता तो शिक्षा को ही उसके पास पहुँचना चाहिए। हमारे देश में सहस्त्रों निष्ठावान, स्वार्थ-त्याग संन्यासी हैं, जो एक ग्राम से दूसरे ग्राम में धर्मोपदेश करते हैं। यदि उनमें से कुछ को भौतिक विषयों के भी शिक्षक के रूप में संगठित किया जा सके, तो वे एक स्थान से दूसरे स्थान को, एक दरवाजे से दूसरे दरवाज़े को न केवल धर्मोपदेश करते हुए वरन् शिक्षा-कार्य भी करते हुए जाएँगे। जनसमूह में शिक्षा का प्रसार करना आवश्यक है।